ये कैसा PM: सऊदी प्रिंस से मिली 16 करोड़ की घड़ी-झुमके इमरान ने बेच खाए; मुल्क को नहीं दी तोहफों की जानकारी

एक घंटा पहलेलेखक: त्रिदेव शर्मा

राष्ट्राध्यक्षों को विदेशी दौरों पर तोहफे मिलना आम बात है। यह सभी हेड ऑफ द स्टेट्स के साथ होता है। सामान्य नियम ये है कि राष्ट्राध्यक्ष इन गिफ्ट्स की जानकारी जिम्मेदार मंत्रालय को देते हैं, लेकिन पाकिस्तान में गजब ही हो गया। आरोप है कि प्रधानमंत्री इमरान खान और पत्नी बुशरा बीबी ने मुल्क को बिना बताए करोड़ों रुपए के गिफ्ट ही बेच दिए। जिस जर्नलिस्ट ने इसका खुलासा किया, अब उसकी जान पर बन आई है। चलिए, आपको भी बताते हैं कि आखिर ये माजरा क्या है। शायद सभ्य दुनिया की तारीख में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ होगा।

पहले बुनियादी बात समझिए
इमरान 2018 में PM बने। कई मुल्कों के दौरे किए, इनमें सऊदी अरब भी शामिल था। यहां के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने इमरान को बेशकीमती रिस्ट वॉच गिफ्ट की।

कैसे हुआ खुलासा
अबरार खालिद नाम के एक पाकिस्तानी शख्स ने इन्फॉर्मेशन कमीशन में एक अर्जी दायर की। कहा- इमरान खान को दूसरे देशों से मिले गिफ्ट्स की जानकारी दी जाए। जवाब मिला- गिफ्ट्स की जानकारी नहीं दी जा सकती। खालिद भी जिद्दी निकले। उन्होंने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। वैसे एक सच ये भी है कि इमरान कई बार कह चुके हैं कि बनी गाला स्थित उनका आलीशान घर उन्हें गिफ्ट में मिला था, लेकिन किसने दिया- ये नहीं बताते।

बचाव का बेहूदा तर्क
इस्लामाबाद हाईकोर्ट इमरान सरकार से पूछा- आप तोहफों की जानकारी अवाम को क्यों नहीं देते? सरकार के वकील ने कहा- इससे मुल्क की सलामती यानी सुरक्षा को खतरा है। इसके अलावा दूसरे देशों से हमारे रिश्ते खराब हो सकते हैं। इसलिए अवाम को दूसरे देशों से मिले तोहफों की जानकारी नहीं दे सकते।

चोरी पकड़ी गई
पाकिस्तानी पत्रकार आरिफ अजाकिया और इमदाद अली शूमरो के मुताबिक- इमरान को सऊदी MBS ने गोल्ड से बनी और हीरों से जड़ी बेशकीमती रिस्ट वॉच गिफ्ट की थी। उन्होंने दो लिमिटेड एडिशन घड़ियां बनवाईं थीं। एक खुद के पास रखी थी। दूसरी इमरान को गिफ्ट की थी। इसकी कीमत करीब 16 करोड़ रुपए थी।

बुशरा बीबी की एंट्री इमरान ने घर आकर यह रिस्ट वॉच पिंकी पीरनी (पत्नी बुशरा बीबी) को रखने के लिए दे दी। बुशरा चलीं और उन्होंने यह घड़ी एक स्टाफर को दी, कीमत पता करने को कहा। स्टाफर ने बताया कि यह तो बेहद महंगी है।

बुशरा ने उस स्टाफर से इसे बेचने को कहा। ब्रांडेड घड़ी देखकर शोरूम के मालिक ने इसकी मैन्यूफेक्चरिंग कंपनी को फोन कर दिया और यहीं से इमरान की कलई खुल गई। मेकर्स ने सीधे MBS के ऑफिस से संपर्क किया और बता दिया कि आपने जो 2 घड़ियां बनवाईं थीं, उनमें से एक बिकने के लिए आई है। ये आपने भेजी है या चोरी हुई है?

यह फोटो 17 फरवरी 2019 की है। तब सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान यानी MBS पाकिस्तान दौरे पर आए थे। इमरान की मेहमान नवाजी का आलम ये कि खुद प्रिंस को न सिर्फ रिसीव करने पहुंचे, बल्कि कार भी खुद ही ड्राइव की।

यह फोटो 17 फरवरी 2019 की है। तब सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान यानी MBS पाकिस्तान दौरे पर आए थे। इमरान की मेहमान नवाजी का आलम ये कि खुद प्रिंस को न सिर्फ रिसीव करने पहुंचे, बल्कि कार भी खुद ही ड्राइव की।

अंत भला सो सब भला
MBS मामला समझ गए। उन्होंने वॉच मेकर्स से कहा- इस घड़ी को खरीद लिया जाए। इस तरह उनकी बनवाई स्पेशल एडिशन रिस्ट वॉच घूम-फिरकर उनके ही पास पहुंच गई।

तो हुआ क्या होगा?
पत्रकार सोमरो कहते हैं- इमरान ने इन तोहफों की जानकारी तोशाखाना और कैबिनेट कमेटी को दी ही नहीं होगी। उन्होंने कौड़ियों के दाम यह चीजें खरीद ली होंगी और बाद में इन्हें बेचकर मोटी रकम हासिल कर ली। इमरान के इशारे पर ही सब कुछ हुआ। उन्होंने मुल्क की नाक कटवा दी।

क्या है नियम
पाकिस्तान की मशहूर पत्रकार आलिया शाह के मुताबिक- पाकिस्तान में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या दूसरे पद पर रहने वालों को लोगों मिले तोहफों की जानकारी नेशनल आर्काइव को देनी होती है। इन्हें तोशाखाना में जमा कराना होता है।

अगर तोहफा 10 हजार पाकिस्तानी रुपए की कीमत वाला होता है तो बिना कोई पैसा चुकाए इसे संबंधित व्यक्ति रख सकता है। 10 हजार से ज्यादा है तो 20% कीमत देकर गिफ्ट अपने पास रखा जा सकता है। अगर 4 लाख से ज्यादा का गिफ्ट है तो इसे सिर्फ वजीर-ए-आजम (प्रधानमंत्री) या सदर-ए-रियासत (राष्ट्रपति) ही खरीद सकता है। अगर कोई नहीं खरीदता तो नीलामी होगी।

खबरें और भी हैं…



Source link

World