केंद्र V/S केजरीवाल: दिल्ली के डिप्टी CM बोले- भारतीय झगड़ा पार्टी बनी भाजपा, उनके पास सिर्फ राज्यों से लड़ने का काम है

  • Hindi News
  • National
  • Manish Sisodia | Ration Home Delivery; Delhi Deputy CM Manish Sisodia Question To BJP And Narenda Modi Government

नई दिल्ली15 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस कर सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्री दिल्ली सरकार को गालियां दे रहे हैं। ये उनके संस्कार हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने सभी निर्णय सुप्रीम कोर्ट की फटकार पड़ने के बाद लिए हैं। BJP तो भारतीय झगड़ा पार्टी बन गई है।

सिसोदिया ने केंद्र सरकार से पूछा कि पिज्जा घर पहुंच सकता है तो राशन क्यों नहीं? भाजपा अब भारतीय झगड़ा पार्टी बन गई है। उनके पास अब सिर्फ राज्यों से झगड़ा करने का काम बचा है। उन्होंने कहा कि चाहे ऑक्सीजन का मुद्दा हो या परीक्षा रद्द कराने का, केंद्र सरकार ने हर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से फटकार खाई है।

डेढ़ करोड़ बच्चों की नहीं सुनी
सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर ऑक्सीजन के मुद्दे को उलझाने का अरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसे समय रहते ही ठीक कर लेना था। सिसोदिया ने कहा कि डेढ़ करोड़ बच्चे केंद्र सरकार से गुहार लगाते रहे कि परीक्षा रद्द कर दो, परीक्षा रद्द कर दो, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी। बाद में जब सुप्रीम कोर्ट ने इस पर हस्तक्षेप किया, तब कहीं जाकर परीक्षा कैंसल की।

केंद्र का रवैया ठीक नहीं: सिसोदिया
सिसोदिया ने आगे कहा कि वैक्सीन को लेकर भी केंद्र सरकार का रवैया ठीक नहीं रहा। वे कभी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तो कभी दिल्ली की केजरीवाल सरकार से लड़ते-झगड़ते रहे। केंद्र के मंत्री सिर्फ टीवी पर आकर राज्य सरकारों को गालियां देते रहे। केंद्र के सीनियर मंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस की और राशन से लेकर ऑक्सीजन तक के मुद्दे पर केजरीवाल सरकार को बुरा-भला कहा। केंद्र सरकार से महाराष्ट्र और झारखंड भी परेशान है।

अपशब्द हमारे संस्कारों में नहीं
सिसोदिया ने कहा कि राशन, ऑक्सीजन और वैक्सीन के मुद्दे पर अपशब्द कहना उनके संस्कारों में है, मेरे नहीं। केंद्र सरकार अब गरीब आदमी के घर राशन की डिलीवरी भी नहीं होने देना चाहती है। 21वीं सदी का IIT में पढ़ा दिल्ली का सीएम यदि गरीबों के घर राशन पहुंचना चाहता है तो इसमें गलत क्या है।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *